कंप्यूटर का वर्गीकरण(classification of computer in hindi)-Basic computer knowledge in hindi

classification of computer in hindi

computer जिसके बारे में आप बहुत अच्छे से जानते है की कंप्यूटर क्या है .लेकिन इस post में हम जानेंगे  कंप्यूटर का वर्गीकरण (classification of computer in hindi) के बारे में .कंप्यूटर को उनके  द्वारा किये जाने वाले तमाम प्रकार से किये गए कार्यो(work)  और उद्देश्यों(purpose) के आधार पर कई प्रकार से बिभाजित किया गया है .आज हम उसी के बारे में बात करेंगे .

 

 

हम अपने इस ब्लॉग पर कंप्यूटर सामान्य जानकारी (Basic computer knowledge in hindi ) से रिलेटेड post करते रहते है .तो आप हमारे इस ब्लॉग पर डेली अवश्य विजिट करते रहे .
 
कंप्यूटर की वर्गीकरण(classification of computer in hindi) को मुखतः तीन वर्गों(type) में विभाजित किया गया है जो कि निम्नलिखित है :-
1.आकार के आधार पर (On The Basis Of Size )
2.उद्देश्य के आधार पर
3.अनुप्रयोग के आधार पर(On The Basis Of Applications)
 

Table of Contents

1. कंप्यूटर की वर्गीकरण(classification of computer in hindi)

कंप्यूटर के वर्गीकरण(classification of computer in hindi) के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि (what is compputer) कंप्यूटर क्या है .इसके बारे में मैंने एक पोस्ट लिखा हुआ है आप जाकर पहले वह Post पढ़ लीजिए और computer के बारे में सारी जानकारी हासिल कर लीजिए. 
 
जैसे-जैसे आदमियों(Humans) की संख्या बढ़ती जा रही है उसी प्रकार पहले कंप्यूटर(संगणक ) की संख्या कम थी और कंप्यूटर के प्रकार भी कम थे लेकिन बढ़ती हुई जनसंख्या की तरह कंप्यूटर की संख्या(Number Of Computers) में भी बढ़ोतरी होने लगी और 
 
) कंप्यूटर क्या है .
 
उनके प्रकार भी काफी बदलने लगे. इसी को देखते हुए कंप्यूटरों को अलग- अलग उद्देश्य(Purpose), काम(work), और साइज(size) के आधार पर उनमें वर्गीकरण कर दिया गया जिनकी बारे में आइए देखते हैं.
 
कंप्यूटर को तीन वर्गों(Three Class Of Computers) में बांटा गया है जो कि निम्नलिखित है.
 

1. आकार(size) के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण(classification of computer on the basis of Size):-

अपने आस-पड़ोस में आप देखते ही होंगे कि कोई आदमी छोटा(small) कोई आदमी बड़ा(big) होता है और उनका वर्ग(class) भी है जो आदमी ज्यादा लंबे होते हैं उन आदमियों को लंबा आदमी कहां जाता है और जो
 
काफी छोटे होते हैं उन्हें छोटा आदमी कहा जाता है यह तो एक सिंपल example हुआ आप को समझाने का की कंप्यूटर को भी इसी प्रकार से कई वर्गों में रखा गया है जो कंप्यूटर बड़े होते थे उनको किसी दूसरे वर्ग  में रखा गया है.
 
) कंप्यूटर का इतिहास 
 
और जो कंप्यूटर काफी छोटे होते थे उनको किसी दूसरे बारे में रखा गया है लेकिन इस blog में हम बात करने वाले हैं आकार के आधार पर कंप्यूटर के वर्गीकरण के बारे में. आकार के आधार(classification of computer on the basis of Size in hindi) पर कंप्यूटर को चार प्रकार से विभाजित किया गया है. 
 
 
1. माइक्रो कंप्यूटर(micro computer) 
2. मिनी कंप्यूटर (mini computer)
3. मेनफ्रेम कंप्यूटर (mainframe computer )
4. सुपर कंप्यूटर (super computer)
 

1. माइक्रो कंप्यूटर के बारे में(what is micro computer in hindi) 

साल 1970 ई. में टेक्नोलॉजी की क्षेत्र में जानी मानी कंपनी इंटेल(intel) द्वारा माइक्रोप्रोसेसर(micro processor) का आविष्कार हुआ, इंटेल द्वारा बनाए गए माइक्रो प्रोसेसर(micro processor) के मार्केट में आने से
 
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी विकास हुआ इन माइक्रोप्रोसेसर(micro processor) के प्रयोग से कंप्यूटर प्रणाली काफी हद तक सस्ती हो गई.micro computer की श्रेणी में आने वाले कंप्यूटर इतने छोटे होते थे कि इन्हें हम
 
) कंप्यूटर की पीढ़ियाँ 
 
अपनी Desk पर भी रखकर उपयोग कर सकते थे.आज के समय में जो कंप्यूटर में उपयोग करते हैं वह भी माइक्रो कंप्यूटर की श्रेणी में आते हैं.माइक्रो कंप्यूटर का उपयोग मुख्य व्यवसाय या चिकित्सा के क्षेत्र में किया जाता है.माइक्रो कंप्यूटर के उदाहरण कुछ इस प्रकार है:- iMac,IBM PS/2,APPLE MAC इत्यादि .
 
माइक्रो कंप्यूटर(micro computer) कई प्रकार के होते हैं जिनके बारे में एक-एक करके हम नीचे बात करने वाले हैं.
 
1. डेस्कटॉप कंप्यूटर(Desktop Computer):-
आपने अपने डेस्क पर रख कर computer तो बहुत बार ही चलाया होगा और आज आप अपने हाथ में भी लेकर  computer चलाते हैं जो कि मोबाइल है हां मोबाइल को भी कंप्यूटर कह सकते हैं. जो पहले की कंप्यूटर होते थे
 
जिन्हें आप अपने डेस्क पर रखकर चलाते थे .उन्हें ही डेस्कटॉप  कंप्यूटर कहते हैं desktop computer ज्यादातर व्यापारिक कार्यों में ही उपयोग में लाए जाते हैं और यह सबसे ज्यादा प्रयोग में लाए जाते हैं. सबसे अधिक प्रयोग में लाए जाने का इनका कारण यह है कि यह सस्ते(Cheap) और टिकाऊ(Durable) होते हैं.
 
2. लैपटॉप(laptop):- 
लैपटॉप शब्द से आप जरूर परिचित होंगे .1981 ई. में एडम ओसबोर्न ने लैपटॉप का आविष्कार किया था.तकनीक(Technology) ने हमारे कंप्यूटर जो कि हम अपने डेस्क पर रखकर चलाते है. उसको ऐसा रूप दे
 
 
दिया है अब हम उसे डेस्क(table) पर रखकर चला सकते हैं और जहां चाहे वह लेकर भी जा सकते हैं जोकि डेस्कटॉप का आधुनिक रूप लैपटॉप(Laptop) है.
 
3.टैबलेट (Tablet):-
लैपटॉप(Laptop) का छोटा रूप है टेबलेट. टेबलेट उपयोग करने में लैपटॉप(Laptop) और डेस्कटॉप(Desktop) दोनों से ही बेहतर होते हैं क्योंकि हम इन्हें अपने हाथ में लेकर चला सकते हैं.और जहाँ चाहे लेकर जा सकते है
 
और जहा चाहे use कर सकते है .टेबलेट Reachargable होते है .इन्हें हम एक बार चार्ज कर के घंटो तक use में ले सकते है .
 

2. मिनी कंप्यूटर के बारे में (what is mini computer in hindi)

मध्यम आकार के इन कंप्यूटरों की कार्य क्षमता और कीमत दोनों ही माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक होती है जिस कारण यह व्यक्तिगत प्रयोग में नहीं लाए जाते है . इनका उपयोग प्रायः छोटी कंपनियां करती हैं. मिनी कंप्यूटर की गति 10 से 30 (MIPS) मेगा इंस्ट्रक्शंस पर सेकंड होती है. मिनी कंप्यूटर के अंतर्गत आने वाले कुछ कंप्यूटर निम्नलिखित :- HP 9000,RISC 6000,BULL HN-DPX2 और AS 400.
 

3. मेनफ्रेम कंप्यूटर के बारे में(what is mainframe computer in hindi)

इन computers को सायद आपने कभी भी न देखा हो .हा ,लेकिन आप इन्हें नीचे दी गयी image में देखकर अंदाजा लगा सकते है यह कंप्यूटर कैसे होते थे .
 
यह कंप्यूटर size में बहुत ही  बड़े होते हैं यह कंप्यूटर कार्य क्षमता और कीमत में भी मिनी और माइक्रो कंप्यूटर से अधिक होते हैं. अतः बड़ी – बड़ी कंपनियों  में एक केंद्रीय कंप्यूटर(Main computer) के रूप में इनका प्रयोग होता है.
 
 
मेनफ्रेम कंप्यूटर को एक्सेस(access) करने के लिए उपयोगकर्ता प्रायः नोड(Node) का इस्तेमाल करते हैं. अधिकतर कंपनियों में मेनफ्रेम कंप्यूटर(MainFrame Computer) का उपयोग बिल का ब्यौरा रखने ,विलो को भेजने ,Labours का भुगतान करने ,
 
आदि कार्यो  में किया जाता है .मेनफ़्रेम कंप्यूटर(MainFrame Computer) के उदाहरण निम्नलिखित हैं:- CDS-CYBER,IBM 4381,ICL 39,UNIVAC-1110 आदि.
 
 

3. सुपर कंप्यूटर के बारे में(what is super computer in hindi)

भरत में भी आज कल super computers की खोज होने लगी है .हाल ही में वर्तमान प्रधानमंत्री (माननीय नरेन्द्र मोदी) ने BHU में “परम शिवाय ” नामक super कंप्यूटर का लोकार्पण किया .
 
सुपर कंप्यूटर(super computer) सर्वाधिक गति,संग्रह क्षमता एवं उच्च विस्तार वाले होते हैं.इनका आकार(size) एक सामान्य कमरे के बराबर होता है. विश्व का प्रथम सुपर कंप्यूटर ‘क्रे रिसर्च’ कंपनी द्वारा 1976 विकसित किया गया था.जिसका नाम ”क्रे – 1″ था.
 
 
भारत के पास भी सुपरकंप्यूटर है तथा भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर का नाम ‘परम’ है .इसका विकास “C-DAC ” ने किया था, इसका विकसित रूप ‘परम 10000” भी अब तैयार कर लिया गया है.
 
सुपर कंप्यूटर का मुख्य उपयोग मौसम की भविष्यवाणी करने एनिमेशन(Animation) तथा चलचित्र(Video) का निर्माण करने अंतरिक्ष यात्रा के लिए अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजने और शोध प्रयोगशालाओं में शोध व 
खोज(Research) करने इत्यादि कार्यों में किया जाता है.सुपर कंप्यूटर के अंतर्गत आने वाले मुख्य कंप्यूटर इस प्रकार हैं:- PARAM,PARAM-10000,CRAY-2,NEC-500 आदि
 
 

2. उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण(classification of computer on the basis of Puspose)

उद्देश्य के आधार (On the basis of Purpose) पर कंप्यूटर दो प्रकार के होते हैं जिन का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है

1.सामान्य उद्देशीय कंप्यूटर(General Purpose Computer):-

हम जितने भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स उसे करते है .अपने डेली के कामो को आसान बनाने के लिए चाहे वह mobile हो या laptop हो या आप घडी का प्रयोग भी करते है.तो ये सभी गैजेट जो हमारे रोजाना किये जाने वाले शादारण कार्यो में हमारी मदद करते है general purpose कंप्यूटर कहलाते है .
 
 इनके द्वारा दस्तावेज(File) तैयार करने उन्हें छापने ,डेटाबेस बनाने ,तथा शब्द प्रक्रिया द्वारा पत्र तैयार करने इत्यादि सामान्य कार्य किए जाते हैं.
 

2. विशिष्ट उद्देशीय कंप्यूटर(Special Purpose computer):- 

ऐसे कंप्यूटर जिनका प्रयोग सिर्फ एक स्पेशल काम के लिए किया जाता है .ये सभी computers Special Purpose computer के अंतर्गत आते है .
 
इनका उपयोग अंतरिक्ष विज्ञान(Meteorology),  यातायात नियंत्रण(Traffic), कृषि विज्ञान इंजीनियरिंग(Agriculture engineering), की तथा रासायनिक विज्ञान में शोध क्षेत्र(research) में विशेष उद्देश्य के
 
लिए किया जाता है, इस में प्रयोग किए गए CPU की क्षमता अधिक होती है, जिस कारण विशिष्ट उद्देश्य की पूर्ति होती है.
 

3. अनुप्रयोग के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण(classification of computer on the basis of Applications):-

अनुप्रयोग के आधार(on the basis of Applications) पर तीन प्रकार के होते हैं जिनका संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है
 

1. एनालॉग कंप्यूटर के बारे में (what is Analog Computer in hindi)

पहले के समय में जो आप सुई वाली घडी का उपयोग करते थे .और अभी भी करते है ये Analog computer के अंतर्गत आती है.
 
भौतिक मात्राओं ताप(temprature), दाब(Pressure) इत्यादि को माप कर उनके परिणाम को अंको में प्रस्तुत करने के लिए एनालॉग कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है.इसके उदाहरण है . स्पीडोमीटर, भूकंप सूचक यंत्र..आदि.
 

2. डिजिटल कंप्यूटर के बारे में (what is Digital computer in hindi)

ये एक उदहारण के तौर पे लेते है पहले आप सुई वाली घडी use करते थे तो वो एनालॉग के अंतर्गत आती थी और अब आप screen वाली घड़ी use करने लगे है .screen वाली घड़ियाँ डिजिटल कंप्यूटर के अंतर्गत आती है .
 
अंको की गणना करने के लिए डिजिटल कंप्यूटर(Digital computer) का प्रयोग किया जाता है. आज के समय में  प्रयोग किये जाने वाले ज्यादातर कंप्यूटर डिजिटल कंप्यूटर की श्रेणी में ही आते हैं.  इसके उदाहरण है डेस्कटॉप कंप्यूटर और लैपटॉप कंप्यूटर…आदि.
 

3.हाइब्रिड कंप्यूटर के बारे में (what is Hybrid computer in hindi )

उदहारण के तौर पर ले तो अब अगर आप सुई वाली और screen वाली दोनों को मिलकर एक घडी बना दे जिससे की दोनों तरह से हम समय को देख सके तो इस प्रकार की devices Hybrid Computer के अंतर्गत आती है .
 
हाइब्रिड कंप्यूटर(Hybrid Computer) उन computer को कहा जाता है. जिसमें Analog तथा Digital दोनों ही गुण सम्मिलित हो.
 
इनके द्वारा भौतिक मात्राओं को अंकों में परिवर्तित करके उसे डिजिटल(DIgital) रूप में ले आते हैं. चिकित्सा के क्षेत्र में इसका सर्वाधिक उपयोग होता है इसके उदाहरण है- ईसीजी(ECG) और डायलिसिस मशीन.
 
 
सारांश :- आज हमने इस post में कंप्यूटर का वर्गीकरण(classification of computer in hindi) के बारे में पढ़ा.हमने कंप्यूटर से रिलेटेड Basic computer knowledge in hindi के बहुत सरे post किये हुए है उन्हें आप जाकर पढ़ लीजिये .
 

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